कुछ भी चैलेंज हो रहा है चंदा मामा को लेकर, किसी ने लिख दिया कि 22 सालों में ऐसी फिल्म नहीं बनी
sanjha bihaniya… कल रिलीज होने वाली छत्तीसगढ़ी फिल्म चंदा मामा को लेकर ढेर सारी बातें की जा रही हैं इस फिल्म को लेकर यह भी कहा जा रहा है की सबसे अधिक पोस्टर इसी फिल्म के वायरल हुए, इससे कन्फ्यूजन यह हुआ की कौन सा पोस्टर मुख्य पोस्टर है समझ नहीं आया।
खैर अब वक्त आ गया है फिल्म के रिलीज का, कल क्या होगा, क्या नहीं, इसका इंतजार सभी को है। क्या चंदा मामा सतीश जैन की फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ देगा या फिर कोई ऐसा रिकॉर्ड बना देगा जिसे कोई नहीं तोड़ सकेगा। ऐसा हो गया तो अच्छी बात है और नहीं हुआ तब?
बताते हैं की फिल्म को अभिषेक सिंह ने निर्देशित किया है जिन्होंने इसके पहले एक फ्लॉप फिल्म तहीं मोर आशिकी को भी निर्देशित किया था, उस फिल्म ने सिनेमाघर की खिड़की पर ही दम तोड़ दिया था, लेकिन लोगों को मोहित साहू के कॉन्फिडेंस और दिलेश साहू के एक्टिंग पर कुछ तो भरोसा होगा।
इस फिल्म में ऐसा तो कुछ होगा जिसे लोग शायद पहली बार देखेंगे, ऐसा फिल्म के मेंबरों द्वारा कहा जा रहा है और लिखा जा रहा है।

पिछले 1 महीने से इस फिल्म के अलग-अलग पोस्टर सामने आए, किसी में अभिनेता दिलेश साहू बच्चे को उठाए हुए, किसी में तलवार पकड़े हुए, किसी में पूरी फैमिली के साथ नजर आ रहे हैं, तो किसी में और भी कुछ। इससे यह हुआ कि इस फिल्म का मुख्य पोस्टर समझ नहीं आया।
पोस्टर लगाने में भी प्रोडक्शन कंपनी ने कोई कसर नहीं छोड़ी, सब जगह पोस्टर चिपका दिए गए। यह पोस्टर तो स्थिर होते हैं लेकिन फिल्म चलाईमान होती है। अब देखना है कि चंदा मामा अपनी चमक से छत्तीसगढ़ी फिल्म के दर्शकों को कितना चमका पाती है या फिर खुद अमावस की रात की तरह अंधेरे में खो जाती है। तो मिलते हैं कल…..
Reaction… वैसे भी फ़िल्म का टाइटल ग़लत है… छत्तीसगढ़ी में “चंदा मामा” नही “चंदा ममा” होना चाहिए। क्योंकि छत्तीसगढ़ में “मामा” को “ममा” कहकर ही सम्बोधित किया जाता है।
हिंदी- मामा
छत्तीसगढ़ी- ममा
हिंदी- मामा-मामी
छत्तीसगढ़ी- ममा-मामी
हिंदी- मामा ससुर
छत्तीसगढ़ी- ममा ससुर

