ऊपर वाले ने रीटेक नहीं दिया कलाकार को, मन में जीवन की खुशियां लेकर निकला था अंतिम सफर पर सूरज मेहर
sanjha bihaniya…. सूरज मेहर अब हमारे बीच नहीं है उनकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। सूरज एक कलाकार थे और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल किया करते थे। उनकी आखिरी फिल्म साबित हुई आखिरी फैसला। इस फिल्म में हिंदी फिल्म तिरंगा फेम गुंडा स्वामी ने भी अभिनय किया है। सूरज मेहर की 10 अप्रैल को सगाई होने वाली थी, उनकी अंतिम शूटिंग 8 अप्रैल को ही होनी थी लेकिन उनके को-आर्टिस्ट प्रदीप शर्मा के परिवार में भी घटना घट जाने के कारण वह भिलाई आ गए थे इसलिए सूरज मेहर का अंतिम शूट आठ की बजाय 9 अप्रैल को रखा गया। 9 अप्रैल को प्रदीप शर्मा वापस आए और उनके साथ सूरज मेहर ने देर रात तक अपनी शूटिंग पूर्ण की क्योंकि उनकी 10 अप्रैल को सगाई थी और 8 अप्रैल को ट्रेन में उनकी टिकट भी थी जो शूट पूर्ण न होने के कारण केन्सल हो गई थी। प्रदीप शर्मा के आग्रह पर भाई भाई प्रोडक्शन के डी के देवांगन ने सूरज मेहर को वाहन उपलब्ध कराया ताकि वे समय पर अपने घर पहुंच सकें।

प्रदीप शर्मा ने बताया कि सूरज मेहर कला के प्रति समर्पित कलाकार था अभिनय के लिए उन्होंने अपनी सगाई के लिए घर पहुंचने को भी दरकिनार किया और निकलने से पहले तक शूटिंग करते रहे। जब सूरज मेहर अपने घर के लिए स्कॉर्पियो में निकले तो उनके मन में सगाई और बड़े-बड़े कलाकारों के साथ काम करने की खुशी थी अचानक रास्ते में उनकी गाड़ी एक माल वाहक गाड़ी से टकरा गई जिसमें उनकी जान चली गई। आखिरी फैसला में सूरज मेहर के साथ अभिनय करने वाले को आर्टिस्ट प्रदीप शर्मा जानकारी देते हुए रो पड़े और कहा की उन्होंने आज तक ऐसा कला के प्रति समर्पित कलाकार नहीं देखा।
भगवान उनको अपने श्री चरणों में स्थान दें….

