क्यों लोकप्रिय नहीं हो पाए राम यादव, अभिनय और नृत्य में दक्ष है यह कलाकार
SANJHA BIHANIYA….राम यादव उस अभिनेता का नाम है जो यदा-कदा ही रूपहले पर्दे पर उभरता है, अभी उनके द्वारा अभिनीत छत्तीसगढ़ी फिल्म देख झन फंस जाबे कल रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में उनके साथ संदीप त्रिपाठी भी है। राम यादव ने इससे पहले भी दर्जनों फिल्में की हैं जिनमें भोजपुरी फिल्म भी शामिल है। राम यादव उस समय से सक्रिय हैं जब छत्तीसगढ़ में फिल्मों का नामोनिशान नहीं था। वह स्वर्गीय निशांत उपाध्याय और स्वर्गीय गजेंद्र कुंबलकर के बेच के हैं। बताते हैं कि यह तीनों साइकिल में ड्रामा देखने और अभिनय सीखने सुबह 4:00 बजे उठकर जाया करते थे। अभिनय के प्रति उनकी लगन आज भी बरकरार है और राम आज एल्बम के गीतों में व्यस्त हैं।

अभी तक इन्होंने 2000 गीतों को निर्देशित किया होगा और सैकड़ो गीत में अभिनय भी। किसी भी गीत को चंद घंटे में कोरियोग्राफ कर देने का हुनर रखने वाले राम यादव एक बेहतरीन अभिनेता भी हैं। राम यादव के लोकप्रिय ना हो पाने का कारण सिर्फ स्थापित निर्माता निर्देशकों की नजरे उन पर ना पड़ना है, वरना यह कलाकार उन सभी को पीछे छोड़ चुका होता जो 5,6 लाख तो लेते हैं और फिल्में न चलने की जिम्मेदारी निदेशकों पर डाल दिया करते हैं। राम यादव एक अच्छे अभिनेता के साथ अच्छे व्यक्तित्व के धनी भी हैं। जिसने भी उनके साथ काम किया वे उनके कायल हो चले। बहरहाल सबका एक दिन आता है, हमें आशा है कि राम यादव का भी समय आएगा जब उनकी फिल्में सिनेमाघर में भी धमाल मचाएगी।


