अब देश की सर्वश्रेष्ठ ट्रेनों में से एक ‘वंदे भारत’ भी नारी शक्ति द्वारा संचालित हो गयी है।
sanjha bihaniya…महिलाएं देश के तमाम क्षेत्रों में न सिर्फ काम कर रही हैं बल्कि कई ज़रूरी पदों पर रहकर उन्हें अच्छे से आगे भी बढ़ा रही हैं। इसी तरह अब देश की सर्वश्रेष्ठ ट्रेनों में से एक ‘वंदे भारत’ भी नारी शक्ति द्वारा संचालित हो गयी है। 1988 में एशिया की पहली महिला लोको पायलट बनी सुरेखा यादव ने सोमवार को सोलापुर से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाकर यह उपलब्धि हासिल की। इसके लिए उन्होंने एक महीने तक ट्रेनिंग भी ली। सुरेख जी को अपनी उपलब्धियों के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अब तक कई पुरस्कार मिले हैं। देश की पहली वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चली थी। यह ट्रेन फरवरी 2019 में चलाई गई थी। इस ट्रेन में ऑटोमेटिक गेट, ऑनबोर्ड वाई फाई जैसी कई सुविधाएं हैं। महिलाओं को मिल रहे बराबर के मौकों के लिए यह कदम ज़रूरी व बेहद सराहनीय भी है।

