प्राचीन और ऐतिहासिक फिल्में बनाने में जो मजा है वह रोमांटिक फिल्मों में नहीं – राजा खान
SANJHA BIHANIYA… छत्तीसगढ़ी फिल्म झिटकू मिटकी से चर्चा में आए निर्देशक राजा खान अब एक और ऐतिहासिक फिल्म के निर्माण में जुट गए हैं जिसका नाम है कचना धुर्वा। यह भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक कहानी है, राजा खान ने जानकारी दी इसके लिए उन्होंने शूट पर जाने से पहले 1 साल का समय मांगा है ताकि कचना धुर्वा से संबंधित संपूर्ण जानकारी इकट्ठी की जा सके और परदे पर हूबहू प्रस्तुत किया जा सके। राजा खान ने कहा कि इसके पूर्व उनके द्वारा बनाई गई झिटकू मिटकी के लिए भी उन्होंने पूरे 2 वर्ष जानकारी इकट्ठी की थी तब जाकर फिल्म का निर्माण कर पाए, फिर भी कुछ ना कुछ कमी रह गई होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें प्राचीन कहानियां और ऐतिहासिक विषय पर काम करना बेहद पसंद है क्योंकि ऐसे सब्जेक्ट पर कार्य करने में उन्हें मजा आता है। उनकी पूर्व की फिल्म झिटकू मिटकी को खूब पसंद किया गया, खासकर बस्तर क्षेत्र में लोगों ने इस फिल्म की जमकर तारीफ की। कचना धुर्वा भी एक प्राचीन कहानी है और किरदारों से अंचल के लोगों की आस्थाएं जुड़ी है जिसके चलते कहानी में जरा भी छेड़ छाड़ माफी योग्य नहीं होगी, इसलिए वे 1 वर्ष तक इस विषय पर शोध करेंगे और उनसे जुड़े लोगों की संतुष्टि के बाद ही फिल्म का निर्माण शुरू करेंगे।


