ना भूल पाने वाला व्यक्तित्व, मुराद खान। व्यक्ति एक विशेषताएं अनेक
SANJHA BIHANIYA…. रविवार की सुबह आई एक खबर ने सभी को चौंका दिया, निर्माता निर्देशक मनोज वर्मा ने पोस्ट किया कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा के मेकअप मैन की तबीयत बहुत ज्यादा नाजुक है और उन्हें आर्थिक मदद की आवश्यकता है। शाम तक उनके बेहतर स्वास्थ्य को लेकर कामना की जाती रही लेकिन भगवान की मर्जी के आगे किसी की नहीं चली और मुराद खान इस दुनिया से रुखसत हो गए। सभी की आंखों में आंसू गिरने लगे क्योंकि मुराद सभी का प्रिय था। मुराद खान व्यक्तित्व एक था लेकिन उसकी विशेषताएं अनेक थी, वह मेकअप के साथ-साथ फिल्म के अन्य कार्यों को भी बखूबी निभाना जानता था, मुराद ने ढेर सारी फिल्मों में अपनी सेवाएं दी किसी ने किसी फिल्म में मुराद जुड़ा हुआ होता था चाहे मेकअप मैन के रूप में या फिर कॉस्ट्यूम मैन या फिर प्रोडक्शन कंट्रोलर के रूप में। मुराद खान जब किसी फिल्म में कॉस्ट्यूम का कार्य देखा करते थे तो वह ऑन द स्पॉट कलाकारों की ड्रेस की सिलाई भी कर दिया करते थे क्योंकि वह एक अच्छे टेलर भी थे और सभी के प्रिय थे। शांत स्वभाव के मुराद को सभी पसंद करते थे क्योंकि वह कभी किसी से झगड़ते नहीं थे बस कुछ बुराईयां उनके अंदर थी जो उन्हें तकलीफ देने लगी थी अगर उन्हें वे समय रहते छोड़ दिए होते तो आज मुराद हमारे बीच होते।बहरहाल छत्तीसगढ़ी सिनेमा में लंबे समय से जुड़े रहे मुराद के चले जाने का दुख सभी को है चाहे वह निर्माता हो, निर्देशक हो या फिर कोई टेक्नीशियन क्यों ना हो। भैरव नगर में रहने वाले मुराद खान ने फिल्म के लिए नए-नए लड़कों को खड़ा किया जो आज भी छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माण में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ऐसा क्यों होता है?
अंतिम समय में मुराद के परिवार को भी आर्थिक दिक्कतों से जूझना पड़ा, ऐसा क्यों होता है कि सिनेमा जगत से जुड़े तकनीशियन को ऐसे वक्त में आर्थिक दिक्कत हो जाती है, यह एक बड़ा सवाल है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद भी टेक्नीशियन बुरे वक्त के लिए रुपए जोड़ नहीं पता है और उसे आर्थिक तंगी घेरे रहती है। यह अच्छी बात है कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा के दिग्गज ऐसे समय में सामने आकर मदद के लिए हाथ बढ़ाते तो हैं। जो भी हो लेकिन छत्तीसगढ़ी सिनेमा जगत भी अगर चंद बुराइयों को अपनी इंडस्ट्री से दूर रखने का प्रयास करें तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।

