बच्चों के द्वारा बाप के कर्ज को चुकाने की मार्मिक कहानी है अतरंगी, फसल उगा कर मार्केट तक ले जाने का वास्तविक चित्रण भी
SANJHA BIHANIYA…शुक्रवार को रिलीज हुई छत्तीसगढ़ी फीचर फिल्म अतरंगी अब तक आई सभी छत्तीसगढ़ी फिल्मों से कुछ हट के है, इस फिल्म में देशव्यापी समस्या का बखूबी चित्रण है, गांव के सूदखोर के कर्ज से दबा एक परिवार कर्ज न चुका पाने की स्थिति में आत्महत्या कर लेता है। उस कर्ज को उसका बच्चा चुकाता है, इस कार्य में गांव के बच्चे भी उसका साथ देते हैं, इन सब दृश्यों को बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है अतरंगी में, जिस उम्र में बच्चे खेलने कूदने में मस्त रहते हैं उस उम्र में इन बच्चों ने यह बता दिया कि अगर कुछ करने की ठान ली जाए तो उसे किया जा सकता है। एक अच्छी कहानी के साथ कर्णप्रिय गीत संगीत भी लिए हुए हैं अतरंगी।निर्देशक पवन गुप्ता की पेशकश अतरंगी को दर्शकों का प्यार मिल रहा है, जो भी फिल्म को देखकर निकल रहा है अच्छी ही प्रतिक्रिया दे रहा है।

