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अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है, छालीवुड में भी शुरू हुआ महासंग्राम

SANJHA BIHANIYA… आगामी 20 दिसंबर को छत्तीसगढ़ी सिनेमा में भूचाल मचने वाला है, क्योंकि इस दिन एक ही अभिनेता की दो बड़ी फिल्में एक साथ रिलीज हो रही है। दोनों ही फिल्में बड़े बजट की बताई जा रही है। एक को निर्देशित किया है सुपरहिट निर्देशक प्रणव झा ने तो दूसरे को जानी-मानी निर्माता निर्देशक भारती वर्मा ने। दोनों ही मेकरों को अपनी अपनी फिल्म पर विश्वास है, हो भी क्यों नहीं क्योंकि अपना प्रोडक्ट तो अपना होता है चाहे वह जैसा भी हो। यह तो पता 20 दिसंबर को चल ही जाएगा की कौन कितने पानी में है, लेकिन अभी से वर्चस्व की लड़ाई सामने आने से छत्तीसगढ़ी सिनेमा से जुड़े लोगों में यह चर्चा का विषय जरूर हो गई है। दोनों ही निर्माता निर्देशक एक दूसरे पर टीका टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं।

पहले आपको यह बता दें कि दोनों फिल्मों के हीरो एक ही है अमलेश नागेश। एक फिल्म का नाम टीना टप्पर है तो एक का नाम डार्लिंग प्यार झुकता नहीं 2 दोनों ही फिल्मों के गाने यूट्यूब पर ट्रेडिंग पर है, जिसे खूब पसंद किया जा रहा है, लाजमी है फिल्में भी अच्छी बनी होगी। गुजरे साल में सिवाय सतीश जैन की फिल्म को छोड़कर बाकी फिल्में कुछ खास नहीं कर पाई थी लेकिन साल के अंत में आ रही है दो फिल्में जरूर कुछ कमाल करेंगी ऐसी सभी को उम्मीद है। क्योंकि अभिनेता अमलेश नागेश की ले शुरू हो गे मया के कहानी और हांडा सुपरहिट की श्रेणी में है।

इन दोनों ही फिल्मों के बीच बवाल तब मचा था जब दोनों की रिलीज डेट घोषित हुई थी यानी 20 दिसंबर।कोई पीछे हटने को तैयार नहीं था सो दोनों ने एक साथ आने का मन बना लिया और आ भी रहे हैं लेकिन क्या छत्तीसगढ़ी फिल्मों के दर्शक कि जेब भी भरपूर है, क्योंकि दो फिल्मों को देखने के लिए एक व्यक्ति को कम से कम ₹200 चाहिए होंगे और अगर पूरे परिवार के साथ दोनों फिल्मों का मजा लेना चाहता है तो उसे कम से कम ₹1000 खर्च करने होंगे। यदि दोनों फिल्में एक के बाद एक आती तो दर्शक कुछ समय ब्रेक करके दोनों फिल्मों का आनंद ले लेता। मान लो अगर दर्शक दोनों फिल्मों में से किसी एक फिल्म को देखना चाहेगा तो किसे देखना चाहेगा यह दर्शक के लिए भी कन्फ्यूजन वाली स्थिति होगी क्योंकि दोनों में भैरा कका है।

अब यह दर्शक को ये तय करना है कि वह एक फिल्म को देखकर मन मार कर रहेगा या फिर दोनों फिल्मों को देखेगा, यह तो 20 दिसंबर के बाद पता चल ही जाएगा।

लेकिन फिल्मों से जुड़े अनुभवी व्यक्तियों ने कहा की कभी भी एक साथ दो छत्तीसगढ़ी फिल्में रिलीज नहीं होनी चाहिए वह भी जब बड़े बजट की हो ऐसे में दोनों को नुकसान होने की संभावना बनती है, क्योंकि दर्शक डाइवर्ट हो जाता है और उसके दिमाग में यह बात घर कर जाती है की इतनी छत्तीसगढ़ी फिल्में है क्यों बनाई जा रही है।

बीते 22 नवंबर को ही दो छत्तीसगढ़ी फिल्में एक साथ रिलीज हुई थी उनमें से एक ने एक हफ्ते में ही सिनेमा घर को अलविदा कह दिया लेकिन दूसरे ने अपनी साख बचाए रखने के लिए दूसरे हफ्ते में भी सिनेमा घर को थामे रखा, लेकिन एक साथ रिलीज होने के कारण दोनों ही फिल्मों को नुकसान हुआ, यह सभी जानते हैं।बहरहाल 20 दिसंबर को आ रही दो बड़ी फिल्में आपस में टकराएंगी तो जरूर, अब टक्कर में कौन जीतता है और कौन हारता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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