B.A. FINAL YEAR….सब कुछ अच्छा होने के बावजूद वैसा रिस्पांस नहीं जैसा उम्मीद कर रहे थे निर्माता निर्देशक
sanjha bihaniya….. बीते शुक्रवार को रिलीज हुई छत्तीसगढ़ी फीचर फिल्म बीए फाइनल ईयर जिसने भी देखी सभी ने तारीफ की। गाने भी अच्छे, कहानी भी अच्छी, फिल्म का निर्देशन भी अच्छा, हीरो हीरोइन भी अच्छे लेकिन ऐसा क्या हुआ की जैसी उम्मीद थी वैसा रिस्पांस फिल्म को नहीं मिल पाया ? बीए फर्स्ट ईयर, बीए सेकंड ईयर, और बीए फाइनल ईयर। फाइनल ईयर में ऐसा क्या हुआ की फिल्म को ओपनिंग नहीं मिली, सिनेमा घर भीड़ को तरसते रह गए, शुक्रवार को फिल्म जिस स्थिति में थी रविवार को भी उसी स्थिति में नजर आ रही है।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए यह एक बहुत बड़ा सवाल है क्योंकि बहु प्रतिक्षित फीचर फिल्म बीए फाइनल ईयर कई मामलों में काफी उत्सुकता पैदा करने वाली फिल्म लग रही थी, बेशक फिल्म अच्छी है, गाने भी उम्दा है। कुल मिलाकर हर नजरिए से फिल्म सुपरहिट की कैटेगरी में आ रही थी, लेकिन फिर वही सवाल कि ऐसा क्या हुआ की फिल्म को वह सफलता हासिल नहीं हो पा रही है जैसी उम्मीद की जा रही थी।
क्या कहा फ़िल्मी जानकारों ने……
इस बारे में जब हमने फिल्मी जानकारों से बातचीत की तो उन्होंने कई तरह के तर्क दिए किसी ने कहा यह समय छत्तीसगढ़ी फिल्मों के रिलीज के लिए उपयुक्त नहीं है तो किसी ने कहा कि गर्मी बहुत है, किसी ने शादी ब्याह का सीजन होने की बात कही, तो किसी ने चुनाव होने की बात कही। पर एक फिल्मों के जानकार ने बताया कि फिल्म के निर्माता निर्देशक अति आत्मविश्वास के चलते फिल्म के प्रदर्शन की जानकारी गांव-गांव तक नहीं पहुंचा पाए जिसकी वजह से लोगों को जानकारी ही नहीं हो पाई की ऐसी कोई फिल्म रिलीज हुई है।
कुल मिलाकर फील्ड पब्लिसिटी में बीए फाइनल ईयर फेलियर साबित हुई जिसकी वजह से पब्लिक सिनेमा घरों तक नहीं आ पाई। फिल्म को ओपनिंग नहीं मिली यह बड़े दुख की बात है खैर बड़ी-बड़ी फिल्मों के साथ ऐसा होता रहा है इन सब बातों से सीख लेने की आवश्यकता है, वह यह की मेकिंग में खर्च होने वाली राशि के तीन प्रतिशत को अगर पब्लिसिटी में खर्च कर दिया जाए तो यह फिल्म की सफलता के लिए लाभकारी ही साबित होगा…….

