सिंगल स्क्रीन के साथ मल्टीप्लेक्स के दर्शक भी पसंद कर रहे हैं गांव के जीरो को, जो बने हैं हीरो
संझा बिहनिया….. कल रिलीज हुई छत्तीसगढ़ी फीचर फिल्म गांव के जीरो शहर में हीरो के साथ कई बातें जुड़ गई हैं। जैसे कि इस फिल्म का प्रीमियर ऐसा रहा कि इसके पहले कभी किसी छत्तीसगढ़ी या हिंदी फिल्म का प्रीमियम ऐसा नहीं हुआ। साथ ही इस फिल्म को देखने लोग सिंगल स्क्रीन के साथ मल्टीप्लेक्स में भी आ रहे हैं।।दर्शकों को गाने की भव्यता और ग्रुप डांसरों की अत्यधिक संख्या ने खासा प्रभावित किया है, मल्टीप्लेक्स से निकले दर्शकों ने कहा कि इस तरह का एक्शन या तो बॉलीवुड की फिल्मों में देखा जाता है या फिर साउथ की फिल्मों में, हमें छत्तीसगढ़ी फिल्म में इतने हैरत अंग्रेज एक्शन की उम्मीद ही नहीं थी लेकिन जो देखने को मिला वो लाजवाब रहा।

बता दें कि इस फिल्म से डेब्यू करने वाले अभिनेता मनोज राजपूत इस फिल्म के निर्माता भी हैं, उन्होंने फिल्म में अभिनय को लेकर काफी तैयारी की थी, अभिनय की बारीकियाँ सीखी, डांस के स्टेप सीखे और एक्शन भी सीखा। हैदराबाद के रामोजी राव फिल्म स्टूडियो में हुई फाइटिंग के दृश्य को साउथ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने एक्शन मास्टर ने निर्देशित किया जो अपने आप में लाजवाब है। फिल्म के गीतों में उपयोग किए गए ड्रेस, आर्नामेंट्स और लोकेशंस भी दर्शकों को पसंद आए। इस फिल्म का जैसा प्रीमियर हुआ वैसा बॉलीवुड की फिल्मों का भी प्रीमियम नहीं होता। शुरू से ही यह फिल्म चर्चा का विषय बनी रही अब जब फिल्म प्रदर्शित हो रही है तो दर्शक भी इसे देखने स्वतः पहुंच रहे हैं।

