मेरे काम में मेरी उम्र कभी आड़े नहीं आती , नए कलाकारों का उत्साह देखकर खुद में उत्साह का होता है सृजन – क्षमानिधि
SANJHA BIHANIYA RAIPUR…निर्माता-निर्देशक, गायक और अभिनेता क्षमानिधि मिश्रा आज उम्र के उस पड़ाव पर हैं जब लोग बैठकर आदेश देते हैं लेकिन उनके साथ कुछ अलग है
वह लोकेशन पर डटे रहकर कलाकारों को अभिनय की बारीकियां बताते हैं, बता दें की क्षमानिधि मिश्रा ने अभिनय के क्षेत्र में बचपन से ही कदम रख दिया था , उन्होंने अपने योगीता आर्ट्स के बेनर में लेडगा नम्बर वन, भांवर, मोर दुलरवा, ऑटो वाले भाटो जैसी दर्जनों छत्तीसगढ़ी फिल्में बनाई , उन्होंने सामीयार खेल और माँ खोजे ममता जैसी ओड़िया फिल्मों का निर्माण भी किया
स्वास्थ्यगत कारणों से वे पिछले दो साल से घर पर ही रह कर आगामी प्रोजेक्ट पर काम करते रहे , अब वे फिर से फिल्म और गानों के निर्माण में लग गए हैं
मिश्रा जी को गीत संगीत का भी काफी ज्ञान है इसलिए भी अपने प्रोजेक्ट के सभी गानों में शब्द और संगीत भी खुद देते हैं, नए कलाकारों को लेकर क्षमानिधि ने कहा कि आज के उभरते कलाकारों में गजब का उत्साह है उनका उत्साह देखकर मुझ में भी उत्साह का सृजन होता है
बता दें कि क्षमानिधि मिश्रा ने पद्मश्री अनुज शर्मा, प्रकाश अवस्थी , करण खान, लोकेश देवांगन , सुनील तिवारी, पूनम नकवी, सीमा सिंग और बॉबी मिश्रा जैसे दिग्गज कलाकारों को कैमरे के सामने अभिनय सिखाया है
अभी भी अपने नए प्रोजेक्ट की तैयारी में लगे हैं और जल्द ही वे उसकी शूटिंग पर जाने वाले हैं!

