Chhattisgarh: गर्भवती नर्स को अवकाश न देकर कोविड ड्यूटी कराने और कोरोना से मृत्यु प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता व महिला विरोधी चरित्र का नमूना : शालिनी
संझा बिहनिया रायपुर…. भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने धमधा की एक गर्भवती नर्स को गर्भावस्था अवकाश न देकर कोविड ड्यूटी कराने और उस दौरान कोरोना से संक्रमित होने के कारण उक्त नर्स की मृत्यु होने पर प्रदेश सरकार और उसके नौकरशाहों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया और इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा और प्रदेश सरकार के महिला विरोधी चरित्र का शर्मनाक नमूना बताया है।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश (Chhattisgarh) अध्यक्ष श्रीमती राजपूत ने कहा कि कोरोना संक्रमण की इस दूसरी भयावह लहर में प्रदेशवासियों की जीवनरक्षा के समुचित प्रबंधों और क़ारग़र उपाय करने में प्रदेश सरकार तो बुरी तरह विफल साबित हो ही चुकी है, लेकिन महिलाओं के सम्मान व भावनाओं की रक्षा करने जैसे संवेदनशील मामले में भी प्रदेश सरकार का नज़रिया बेहद तंग हो चला है।
शासन-प्रशासन अपने अहंकार और रुतबे के आगे किसी की जान तक को दाँव पर लगाने में कोई हिचक महसूस नहीं कर रहे हैं। श्रीमती राजपूत ने अव्वल तो शासन-प्रशासन पर इस बात के लिए तीखा हमला बोला कि महिलाओं के नाम पर जब-तब बड़ी-बड़ी डींगें हाँकती प्रदेश सरकार ने धमधा निवासी और पिछले एक साल से साजा ब्लॉक के परपोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ 29 वर्षीया एएनएम नर्स दुलारी से आठ माह की गर्भावस्था में प्रसव-अवकाश देने के बजाय कोविड ड्यूटी कराई जाती रही।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश (Chhattisgarh) अध्यक्ष श्रीमती राजपूत ने प्रदेश सरकार के कोरोना-रोकथाम के प्रबंधों के दावों को निरा खोखला और सफ़ेद झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को लिए यह बेहद शर्मनाक है कि वह एक गर्भवती नर्स को कोरोना का समुचित उपचार तक मुहैया नहीं करा सकी और उक्त नर्स को अपनी तीन साल की पहली मासूम बच्ची को हमेशा के लिए छोड़कर अंतत: अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

