BJP: सत्ता-मद में चूर जनप्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक मर्यादा के लिए ख़तरा, कांग्रेस के राजनीतिक संस्कारों और चरित्र का शर्मनाक प्रदर्शन : धरमलाल कौशिक
संझा बिहनिया रायपुर…. (BJP) नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सत्ता के मद में चूर कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के आचरण को राजनीतिक जीवन की शिष्टता और लोकतांत्रिक मर्यादा के लिए ख़तरा बताते हुए कहा है कि यह कांग्रेस के राजनीतिक संस्कारों और चरित्र का शर्मनाक प्रदर्शन है।
श्री कौशिक ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के लोगों पर सत्ता का अहंकार इस क़दर चढ़ गया है कि वहाँ अब मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, विधायक, पंचायत पदाधिकारी, पार्षद तक संवेदनशून्य और भाषायी व्यवहार के साथ-साथ सारी राजनीतिक, लोकतांत्रिक व प्रशासनिक मर्यादाओं को लांघकर हिंसा पर उतारू होते जा रहे हैं। श्री धरम लाल कौशिक ने इस तरह की प्रवृत्ति पर तत्काल कड़ा अंकुश लगाने की ज़रूरत बताई है।
भाजपा (BJP) नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने गरियाबंद ज़िले के देवभोग में कांग्रेस से जुड़ीं जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा गोहरापदर में नए खुले जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक से बदसलूकी करने, बैंक के अंदर घुसकर गाली-गलौज करने, वहाँ के कर्मचारियों से अपने समर्थकों के साथ मारपीट करने, बैंक में ताला लगाकर प्रबंधक को जबरदस्ती ट्रैक्टर में बिठाकर 15 किलोमीटर दूर थाने में अपनी सरकार का दबाव बनाकर एफआईआर दर्ज करवाने के मामले का ज़िक्र कर इस घटना की भर्त्सना की।
इस घटनाक्रम के दौरान जिपं अध्यक्ष व उनके लोगों ने बैंक के कैश को सुरक्षित रखने का समय भी नहीं दिया। श्री कौशिक ने प्रदेश सरकार और कांग्रेस के बड़बोले नेताओं से सवाल किया कि एक जनप्रतिनिधि को किसने यह अधिकार दिया है कि वह स्वयं इस तरह का आचरण करके बैंक प्रबंधन पर कार्रवाई का दबाव बनाएँ और बैंक को ताला लगाकर प्रबंधक को घसीटते हुए ले जाकर थाने में एफआईआर करवाएँ? श्री धरम लाल कौशिक ने कहा कि अगर जिपं अध्यक्ष को किसी भी प्रकार की शिकायत मिली तो उन्हें पूछताछ करनी थी और नियमानुसार कार्रवाई करानी थी। इस तरह दबंगई करके सत्ताबल के शर्मनाक प्रदर्शन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
भाजपा (BJP) नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने इस घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शियों से हुई चर्चा के हवाले से बताया कि वास्तव में ज़िला पंचायत अध्यक्ष को खीझ इस बात की है कि वह बैंक की शाखा गोहरापदर के बजाय अमलीपदर में खुलवाना चाहती थीं और उसके लिए जिपं अध्यक्ष ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्यालय तक में दबाव बनाया, परंतु नाबार्ड से स्वीकृति न मिलने के कारण और मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण बैंक की शाखा गोहरापदर में खुली।
श्री कौशिक ने हैरत जताई कि अभी तक जिला सहकारी बैंक मुख्यालय रायपुर ने शासन के दबाव में अपने प्रबंधक को जबरदस्ती उठा कर जाने की घटना पर विरोध तक दर्ज नही कराया है! उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग अपने आचरण से प्रदेश को अराजकता की ओर धकेलने पर आमादा हैं। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, उनके परिजनों और समर्थकों की पिछले दो साल में कई शर्मनाक आपराधिक कृत्यों में संलिप्तता उजागर हुई है। इसी इलाके में एक महिला कांग्रेस नेत्री के बेटे ने लोगों पर वाहन चढ़ा दिया था, तो एक अन्य ज़िले में एक कांग्रेस के नेता के रिशतेदार ने दफ़्तर में एक महिला कर्मचारी के साथ बलात्कार की कोशिश और मारपीट की।

