मालिकाना हक की विसंगति में फंसा गोल बाजार , व्यापारियों और निगम प्रशासन के बीच नहीं बैठ रहा तालमेल
SANJHA BIHANIYA…गोल बाजार में सैकड़ों व्यापारी दो तीन पीढ़ियों से व्यापार करते आ रहे हैं , बाजार को नया रूप देने के लिए निगम प्रशासन ने व्यापारियों को ही मालिकाना हक देने की बात रखी , फिर शुरू हुआ नाप जोक का सिलसिला ,
दुकानों के मालिकाना हक देने के एवज में लाखों रुपए व्यापारियों को अदा करना है साथ ही साथ टैक्स भी चुकाना है , व्यापारियों की कुछ मांगे निगम प्रशासन नहीं मान रहा है जिसको लेकर व्यापारियों में रोष व्याप्त है ,
इसी कड़ी में सैकड़ों व्यापारियों ने मानव श्रृंखला निकाली और नारा लगाया “सारा का सारा गोल बाजार हमारा”
छत्तीसगढ़ खंडेलवाल महिला मंडल की प्रथम संरक्षक राजकुमारी खंडेलवाल गोल बाजार में कई वर्षों से व्यापार कर रही है ,उन्होंने भी निगम प्रशासन के नियमों के खिलाफ नारेबाजी की और कोई सीधा सा रास्ता निकालने की बात कही
बहरहाल गोल बाजार को स्मार्ट बाजार का रूप देने की यह पहल सराहनीय तो है लेकिन व्यापारियों और निगम प्रशासन के अधिकारियों के बीच तालमेल का ना होना देरी का कारण माना जा सकता है

