आगामी विधान सभा सत्र की कारवाही छत्तीसगढ़ी भाषा में हो- छत्तीसगढ़ी समाज
SANJHA BIHANIYA RAIPUR…छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ के 27000000 वासियों की मातृभाषा है इस भाषा को राजभाषा का दर्जा देना सरकार का प्रथम कर्तव्य है संविधान की आठवीं सूची में देश के 22 भाषाओं को शामिल किया गया है , जिस भाषा को सिर्फ 1500000 लोग बोलते हैं उसको भी सूची में शामिल कर लिया गया है सिंधी जैसी भाषा को जिसे सिर्फ 2500000 लोग बोलते हैं और जिसका कोई राज्य नहीं है उसको भी इस सूची में शामिल किया गया है, फिर छत्तीसगढ़ की उपेक्षा क्यों हो रही है ,
यह बातें छत्तीसगढ़ी समाज के सदस्यों ने आज प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान कही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ़ी समाज के सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि छत्तीसगढ़ी भाषा में विधानसभा की कार्यवाही हो , विधानसभा में सभी विधायक एवं मंत्री छत्तीसगढ़ी में ही सवाल जवाब करें ,सरकारी कामकाज छत्तीसगढ़ी में हो , स्कूली पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा अनिवार्य की जाए और संविधान की अष्टम सूची में छत्तीसगढ़ी भाषा को शामिल किया जाए!

