आखिर किसकी होगी दुल्हनिया, आधा दर्जन से अधिक छत्तीसगढ़ी फिल्मों के शीर्षक रहे हैं दुल्हनिया
SANJHA BIHANIYA… दुल्हन बना के ले जा, दुल्हन पिया की, दुल्हन वही जो पिया मन भाए, संजू के दुल्हनिया, मंगलू के दुल्हनिया और अब जीतू के दुल्हनिया। आखिर छत्तीसगढ़ी सिनेमा दुल्हनिया के पीछे क्यों पड़ गया है। कोई और शीर्षक भी तो हो सकता है। आगामी फिल्म जीतू की दुल्हनिया को छोड़कर यह जितने भी फिल्मों के नाम है सब बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम हो चुकी है, जिनमें सुपरस्टार मन कुरैशी समेत लक्षित झांझी जैसे कलाकारों ने अभिनय किया था। दरअसल यह फिल्में कब आई और कब चली गई पता ही नहीं चला, दर्शकों के पास इतनी फिल्में देखने के लिए ना तो पैसे हैं और नहीं समय।
अभी छत्तीसगढ़ी सिनेमा में यूट्यूबरों के सहारे फिल्म हिट करने का जो फार्मूला चल पड़ा है वह भी काम नहीं कर पा रहा है, शायद जो यूट्यूबर अपने चैनल पर कमाल करते नजर आते हैं वह सिनेमा में फीके क्यों पड़ रहे हैं इसका मतलब है दर्शक उन्हें मोबाइल पर ही देखना चाहते हैं, क्योंकि यूट्यूब और सिनेमा में जमीन आसमान का अंतर है। यह अंतर समझते हुए निर्देशक अगर अपनी फिल्म का निर्माण सिनेमाई तकनीक और यूट्यूबर को एक नए हीरो के रूप में प्रस्तुत करें तो शायद यूट्यूबर भी चल सकता है, ऐसा कुछ फिल्मों में देखने को भी मिला है, लेकिन अगर सिनेमा निर्माण के बाद निर्माता निर्देशक यूट्यूबर की लोकप्रियता का बखान करें तो इससे फिल्मों में दर्शक नहीं आते।
अभी भी कुछ फिल्में हैं जिनमें निर्माता यूट्यूबर कॉमेडियनों के भरोसे बैठे हैं लेकिन उन्हें उनकी पिछली फिल्मों के हाल देखना भी जरूरी है वर्ना ऐसा ना हो कि बड़े स्टार के साथ यूट्यूबर को ज्यादा तवज्जो देना घाटे का सौदा साबित हो जाए।
बहरहाल दुल्हनिया टाइटल ने अब तक छत्तीसगढ़ी सिनेमा में कोई कमाल तो नहीं किया है फिर भी जीतू दुलरवा और शालिनी की जोड़ी वाली जीतू की दुल्हनिया से काफी उम्मीदें हैं, यह देखना अब दिलचस्प होगा कि यह जोड़ी और यह फिल्म कितना कमाल कर पाती है।

