कला साधक ने दुनिया को कहा अलविदा, लोक कलाकारों समेत छत्तीसगढ़ी सिनेमा में शोक की लहर
SANJHA BIHANIYA… छत्तीसगढ़ में लोककला को एक नया आयाम देने वाले कला साधक दीपक चंद्राकर अब हमारे बीच नहीं रहे, उनके चले जाने से छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों समेत छत्तीसगढ़ी सिनेमा में शोक की लहर दौड़ गई। लोकरंग अर्जुंदा के संस्थापक और ढेर सारे कलाकारों को कला की बारीकियां सिखाने वाले दीपक चंद्राकर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, दीपक दाऊ के नाम से पहचाने जाने वाले दीपक चंद्राकर की मेहनत ही थी कि अर्जुंदा को कलागढ़ के नाम से जाना जाता था। वे वहां एक स्कूल रूपी संस्थान का संचालन करते थे जहां से कई कलाकारों की उत्पत्ति हुई, जिनमें कुंवर निषाद जो आज वर्तमान में गुंडरदेही के विधायक हैं, संजू साहू, कुलेश्वर ताम्रकार, लोकेश देवांगन समेत कई ऐसे नाम है जिन्हें पहचान मिली। दीपक चंद्राकर अपने कला के विद्यालय में ही सारा दिन बिताते थे जबकि वहीं अर्जुंदा में उनका बड़ा सा घर था। कल के प्रति समर्पित दीपक चंद्राकर ने अपना सारा जीवन कला को समर्पित कर दिया था, कुछ एक फिल्मों में भी उन्होंने अभिनय किया था जिन में रंगरसिया प्रमुख रही। भगवान उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। 😥

