chhattisgarh लोक कलाकार कल्याण संघ के 12 सूत्रीय मांगों पर शासन ने नहीं ली सुध, कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री से की है गुहार
संझा बिहनिया रायपुर…. (chhattisgarh) छत्तीसगढ़ प्रदेश में छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी आज छत्तीसगढ़ के कलाकार दाने दाने के लिए मोहताज हैं। उनकी रोजी-रोटी का जरिया पुरी तरह से खत्म हो चुका है। करोना महामारी के ताप से बचने के लिए बार-बार लाकडाउन लगने के कारण रोज कमा कर खाने वालों के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाती है, जिसमें कलाकार भी शामिल हैं जो सब से ज्यादा प्रभावित हैं।
गा-बजा कर मंचीय कार्यक्रम प्रस्तुत कर के अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ करने वाले कलाकारों का काम पूरी तरह से बंद है और कलाकार साल भर से बेरोजगारी का जीवन जीने मजबूर हैं, उनकी गुहार सुनने वाला कोई नहीं है।
छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) के सभी कलाकारों को बड़ी उम्मीद थी कि अब उनके भी दिन बहुरेंगे, उनके जीवन में भी उजाला आयेगा, कलाकारों के जीवन में उजाला तो नहीं आया, बल्कि वे अंधकार में जरुर घिर गए हैं। आज कितने ही कलाकार भूख, लाचारी, करोना महामारी व ईलाज के लिए पैसा नहीं होने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं और अभी भी कितने बिस्तर में पडे हैं, लेकिन दुर्भाग्य है कि सरकार के तरफ से कलाकारों को कोई भी राहत नहीं मिली।
एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री जी घोषणा करते हैं कि कलाकारों व उनके अधिन परिवार जनों को इलाज व अन्य सुविधा उपलब्ध कराने सरकार के तरफ से अनुदान राशि दी जायेगी लेकिन घोषणा मात्र घोषणा भर साबित हुई है आजतक उस पर अमल नहीं किया गया, कितने ही कलाकार अपने व अपनो के इलाज के लिए अनुदान के लिए संस्कृति विभाग में आवेदन जमा किए हैं जो सालों बीतने के बाद भी फाइलों मे है, एक दो को छोड़कर कुछ तो अपनी अंतिम सांसे गिन रहे हैं।
संगठन छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) लोक कलाकार कल्याण संघ के द्वारा कलाकारों की समस्या से अवगत कराते हुए व समस्या के निदान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के पास 12 सूत्रीय मांग रखी गई है, जिसमें प्रमुख रूप से करोना काल में जुझ रहे और भुखमरी का दंश झेल रहे कलाकारों को आर्थिक सहायता देने के लिए निवेदन किया गया है, लेकिन सरकार के जवाबदार माननीय मंत्रियों के द्वारा सिर्फ आशवासन भर दिया जाता है, 2016,17,18 में संस्कृति विभाग के द्वारा मौखिक आदेश देकर कलाकारों से विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम करवा लिए गया और उनको भुगतान नहीं किया जा रहा है , जो जांच का विषय है।

