Chhattisgarh: नगर निगम को जनहित नहीं खुद की कमाई की चिंता : राजेश मूणत
संझा बिहनिया रायपुर…. (Chhattisgarh) पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने रायपुर नगर निगम की वर्तमान कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नगर निगम को जनहित की चिंता नहीं बल्कि खुद की कमाई की ज्यादा चिंता है।
उन्होंने तेलीबांधा तालाब में रिक्रिएशन पार्क, प्ले एरिया, फूड जोन और व्यू पाइंट जैसे कार्यों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नगर निगम केवल व्यावसायिक चोला पहनकर कमाई के उद्देश्य से नए-नए प्लान तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि तेलीबांधा तालाब की खाली भूमि पर रिक्रिएशन पार्क के नाम पर कमर्शियल उद्देश्य को पूरा करने का फैसले राजधानीवासियों को समझ नहीं आ रहा है, क्योंकि यह सीधे-सीधे एक प्राइवेट कंपनी का दखल कराकर व्यवसायिक प्रायोजन के लिए निमंत्रण देना जैसा है। (Chhattisgarh) तेलीबांधा तालाब के सौंदर्यीकरण के समय सरकार की मंशा थी कि चूंकि सामने मुख्यमार्ग का भाग व्यावसायिक उपयोग के लिए छोड़ा जा चुका था,
इसलिए तालाब के स्वरूप को एनजीटी के नियमों के तहत अधिक से अधिक खुला रखते हुए उसमें चारों तरफ पैदल चलने हेतु चौड़ा खुला वाकिंग पाथ वे ,गार्डन ,चिल्ड्रन प्ले स्पेस ,ओपन जिम रखकर उसके स्वरूप को खूबसूरत और जीवित रखा जाए. परन्तु अब कुछ पैसे के लालच में इससे छेड़छाड़ की जा रही है, जिससे आसपास का खुला भाग कम हो गया एवं व्यावसायिक होने के कारण उक्त क्षेत्र केवल वर्ग विशेष के लिए सीमित हो जाएगा जिससे सड़क की तरफ यातायात बढने की संभवना हैं।
श्री मूणत ने नगर निगम के इस योजना पर आपत्तियां जताई और आरोप लगाया कि नगर निगम को शहर की हालत देखना चाहिए, जिस प्रकार बूढ़ा तालाब का सौंदर्यीकरण करने के नाम पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भव्य आयोजन कराया गया, आज वहां 5 करोड़ की लागत से लगाए गए म्यूजिकल फाउंटेन पर कचरा जमा हो गया है. नोजल में फंसे इस कचरे को निकालने की जगह बंद हुए फव्वारा का सिस्टम ही नहीं सुधारा गया है।
इसी तरह स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में किए गए पहले के कार्यों का ही बुरा हाल है. उन्होंने कहा कि परिणाम देखा जा सकता है जहां पर 70 लाख की लागत से 20 जगह वाटर एटीएम लगाए गए थे, सभी बंद हैं. इस ओर नगर निगम का ध्यान क्यों नहीं जाता है।

