BJP: प्रदेश की कांग्रेस सरकार छत्तीसगढ़ के लिए असहनीय बोझ बन चुकी है, मुख्यमंत्री अब अविलंब अपने पद से त्यागपत्र दें : विष्णुदेव साय
संझा बिहनिया रायपुर…. (BJP) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कोरबा के लेमरू ज़ंगल में 06 युवकों द्वारा प्रदेश की संरक्षित पहाड़ी कोरवा जनजाति के एक परिवार के तीन सदस्यों में एक किशोरी के साथ उसके पिता और चार साल की अबोध बहन के सामने दरिंदगी और हैवानियत दिखाने और बाद में उन तीनों की निर्मम हत्या कर देने के मामले में राज्य सरकार के विरुद्ध प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान करते हुए कहा है कि हर मोर्चे पर अपनी शर्मनाक विफलताओं का कलंक ढोती प्रदेश की कांग्रेस सरकार क़ानून-व्यवस्था के मोर्चे पर निकम्मी साबित हो रही है।
(BJP) श्री साय ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर सियासी रोटी सेंकने और जुमलेबाजी करने वाली प्रदेश सरकार के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू इन मामलों को क़ानून-व्यवस्था का मसला नहीं मानने की शेखी बघारते ज़रा भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं। प्रदेश में आदिवासी लगातार अन्याय-अत्याचार, अनाचार के शिकार बन रहे हैं प्रदेश की मौज़ूदा कांग्रेस सरकार छत्तीसगढ़ के लिए असहनीय बोझ बन चुकी है और मुख्यमंत्री को अब अविलंब अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
(BJP) भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार के नाकारापन के चलते प्रदेश के हर इलाक़े में अपराधियों के हौसले बुलंदी पर हैं और प्रदेश सरकार उनमें क़ानून के राज का ख़ौफ़ तक पैदा करने के मामले में अपने लिजलिजी इच्छा-शक्ति और आदिवासी विरोधी राजनीतिक चरित्र से उबरने को तैयार ही नहीं है। पिछले दो वर्ष में प्रदेश में हर वर्ग की नाबालिग बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाओं के साथ अनाचार के शर्मनाक मामलों की बाढ़-सी आई हुई है। अपहरण और अनाचार की शिकार सबसे अधिक आदिवासी वर्ग की बच्चियों से लेकर महिलाएँ हुई हैं और प्रदेश सरकार आदिवासियों की सुरक्षा के मामले में लगातार फिसड्डी साबित हो रही है।
श्री साय ने कहा कि ओछी सियासत, बदज़ुबानी और बदसलूकी करके अपनी सत्ता की बदग़ुमानी का प्रदर्शन करती कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार के मंत्रियों से लेकर प्रशासन तक पूरी तरह संवेदनहीन हो चले हैं। प्रदेश के एक मंत्री को आदिवासी बालाओं के साथ दुष्कर्म के मामले को ‘छोटा-मोटा’ बताकर उसे हल्के में लेते प्रदेश देख-सुन चुका है, राजधानी में ही एक आदिवासी युवक के सरेआम बेदम पीटने और उसकी माँ के साथ बदसलूकी करने वाले कांग्रेस पार्षद को सत्ता के ज़ोर पर सख़्त क़ानूनी कार्रवाई से बचाकर शह देते प्रदेश ने हाल ही में देखा है, एक पटवारी कोरबा ज़िले में मृत दो बच्चियों के क्रियाकर्म की राशि में से शोकाकुल आदिवासी परिवारों से न केवल कमीशन खाता है, अपितु ग़लत प्रतिवेदन बनाकर उनको मिलने वाली सहायता राशि से रोकता है और फिर निर्लज्जता के साथ यह कहता है कि उसने (आरोपी पटवारी ने) शासन का पैसा बचा दिया।

