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BJP: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की नियुक्तियों पर बघेल की टिप्पणी एक ‘परिवार’ के परकोटे में गिरवी रखी राजनीतिक हैसियत की बंधुआ-मानसिकता का रूदाली-प्रलाप : उपासने

संझा बिहनिया रायपुर…. भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सच्चिदानंद उपासने ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रांतीय स्तर हुईं नई नियुक्तियों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की टिप्पणी को एक ‘परिवार’ के परकोटे में गिरवी रखी अपनी राजनीतिक हैसियत की बंधुआ-मानसिकता का रूदाली-प्रलाप बताया है।

(BJP) श्री उपासने ने कहा कि ‘परिवार-परिक्रमा’ जिनके समूचे राजनीतिक जीवन की अंतिम नियति है, जिनकी सारी वैचारिकता एक परिवार की दासता और उसके झूठ और नफ़रत को स्थापित करते-करते दरिद्रता का अभिशाप भोगने के लिए विवश हो चली है, उनको तो रास्वसं की संगठनात्मक कार्यशैली पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार ही नहीं है। श्री उपासने ने कटाक्ष किया कि संघ के तपस्वी, पुरुषार्थी और पराक्रमी कार्यकर्ताओं को बंधुआ बताकर मुख्यमंत्री बघेल ने अपने और बाकी कांग्रेस नेताओं के बंधुआ होने की पीड़ा साझा की है।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री उपासने ने कहा कि रास्वसं की नई नियुक्तियों पर मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस के नेता कोई टिप्पणी करने से पहले अपनी राजनीतिक हैसियत ज़रूर नाप लें, जिनका क़द एक ‘परिवार’ की बंधुआई से शुरू होकर उसी ‘परिवार’ की बंधुआई पर ख़त्म होकर बौना नज़र आ रहा है।

(BJP) श्री उपासने ने कहा कि रास्वसं के कार्यकर्ता इस राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर और विराट हिन्दू समाज के संगठन की वैचारिक प्रतिबद्धता के लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं। विश्व में एक विचार को लेकर किसी संगठन के पिछले 95 वर्ष से अहर्निश कार्य करते रहने का कोई दूसरा उदाहरण नहीं है, ऐसे संगठन पर अपनी टिप्पणी करके मुख्यमंत्री बघेल और कुछ साबित करने के क़ाबिल भले न हों, पर अपने मानसिक दीवालिएपन को ज़रूर उन्होंने साबित कर दिया है।

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